Tulsi Das:जीवन वृत एवं काव्य गत विशेषताएं--
राम भक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि के रूप में तुलसी दास जी का स्थान सर्वोच्च है. हिन्दी साहित्येतिहास को गोस्वामी जी ने स्पष्ट रुपेण प्रभावित किया है.गोस्वामी तुलसीदास जी का अवतरण भक्ति काल में हुआ था और आज आलोचकों के द्वारा यदि इस काल "स्वर्ण काल" कहा जाता है तो इसका श्रेय लेने का वास्तविक अधिकार तुलसीदास जी को ही है. उनकी वाणी एक ऐसी समाधिस्थ चित की अभिव्यक्ति है जिसमें भारतीय दर्शन, धर्म और कला का अद्भुत समन्वय है. तुलसीदास शुद्ध हृदय साधु, ऋषि, तत्व द्रष्टा व समाज सुधारक थे. इन्हें न केवल मध्य कालीन भक्ति काव्य का वरन् मध्यकालीन समस्त भारतीय काव्य का श्रेष्ठ कवि माना जाता है. 'रामचरितमानस' इनकी कालजयी कृति है. इसकी रचना करके तुलसीदास हिन्दी साहित्य को अमर कर दिया. इसी रचना के आधार पर इन्हें मध्ययुग का जननायक माना जाता है. प्रसिद्ध इतिहासकार वेन्सेंट स्मिथ ने इन्हें अपने युग का सर्वश्रेष्ठ महापुरुष माना है और इन्हें अकबर से भी महान कहा है,जो अपनी रचनाओं के माध्यम से करोड़ों भारतीयों के हृदय में राज्य किया. ...